तू इत्तिफाक रखता है मुझसे कहीं,
मेरी महोब्बत का ही तो असर है ये,,,,,,,,,,,,,,,अज़ल
Saturday, June 20, 2009
सितारों के आगे जहाँ और भी है,,,
सितारों के आगे जहाँ और भी है,
रुक क्यों गया इम्तेहान और भी है,
मुश्किले ही मुश्किले आएगी बहुत,
सर पर परेशानियाँ छायेगी बहुत,
आयेगे तूफ़ान तेरी राहों में बहुत,
लहरों का सीना चीर कर निकलना,
इन कश्तियों के किनारे और भी है,
होसलों में जान रखना ,
दिल में कई अरमान रखना,
घबराकर राहों में रुकना मत,
मंजिल तक क़दमों के निशा और भी है,,,,,अज़ल
रुक क्यों गया इम्तेहान और भी है,
मुश्किले ही मुश्किले आएगी बहुत,
सर पर परेशानियाँ छायेगी बहुत,
आयेगे तूफ़ान तेरी राहों में बहुत,
लहरों का सीना चीर कर निकलना,
इन कश्तियों के किनारे और भी है,
होसलों में जान रखना ,
दिल में कई अरमान रखना,
घबराकर राहों में रुकना मत,
मंजिल तक क़दमों के निशा और भी है,,,,,अज़ल
Thursday, June 18, 2009
मेरे कुछ चुनिन्दा शेर..(2)
1.शम्मा चाहतों की आँधियों में जलाये रखना,
दुश्मनी में भी दोस्ती बनाये रखना,
हमारी बातें तुम्हे याद आएगी बहुत,
इन खतों को सीने से जब लगाये रखना,
2.तन्हा था मैं इस सफर में,
उम्मीद किसी अपने की थी,
जब तुमसे मुलाकात हुयी,
वो हकीकत मेरे सपने की थी...
दुश्मनी में भी दोस्ती बनाये रखना,
हमारी बातें तुम्हे याद आएगी बहुत,
इन खतों को सीने से जब लगाये रखना,
2.तन्हा था मैं इस सफर में,
उम्मीद किसी अपने की थी,
जब तुमसे मुलाकात हुयी,
वो हकीकत मेरे सपने की थी...
नही है
मुलाकातों का कोई सिलसिला नही है,
मुझे नही मिला, वो जो मेरा नही है,
कभी की थी उससे मोहब्बत बहुत,
अब उस शख्स पर, वो एतबार नही है,
वक़्त ने कैसी करवट बदली है,
तसव्वुर में भी उसका ख्याल नही है,
किसी मोड़ पर मिलने की चाहत है,
उससे गिला है पर इतना नही है
उसकी सब खाताये माफ़ है "अज़ल",
इंसान है वो, कोई खुदा नही है......
मुझे नही मिला, वो जो मेरा नही है,
कभी की थी उससे मोहब्बत बहुत,
अब उस शख्स पर, वो एतबार नही है,
वक़्त ने कैसी करवट बदली है,
तसव्वुर में भी उसका ख्याल नही है,
किसी मोड़ पर मिलने की चाहत है,
उससे गिला है पर इतना नही है
उसकी सब खाताये माफ़ है "अज़ल",
इंसान है वो, कोई खुदा नही है......
मेरे कुछ चुनिन्दा शेर..(1)
1.कभी तो प्यार किया होता,
मेरा इंतज़ार किया होता,
हम भी थे तेरी राहों में अज़ल,
कभी तो एतबार किया होता,,
2.तुमसे ये यारी कम न होगी,
हर बल बेकरारी कम न होगी,
हममे अपने दिल के करीब समझना,
तो ये दुनिया प्यारी कम न होगी,,
मेरा इंतज़ार किया होता,
हम भी थे तेरी राहों में अज़ल,
कभी तो एतबार किया होता,,
2.तुमसे ये यारी कम न होगी,
हर बल बेकरारी कम न होगी,
हममे अपने दिल के करीब समझना,
तो ये दुनिया प्यारी कम न होगी,,
Saturday, June 13, 2009
वो हमसे खफा है...
वो हमसे खफा है, हम उनसे खफा है,
मगर बात करने को जी चाहता है,
बड़ी दिलनशी है ये उनकी अदाए,
अदाओं पे मरने को जी चाहता है,
जो कहना है उनसे कहे भी तो कैसे,
बिना कुछ कहे हम रहे भी तो कैसे,
जो दिल की दुआ है कभी काम आए,
घड़ी दो घड़ी का तो आराम आए,
सनम बाजुओ के हसीं दायरों में,
हसं के बिखर जाने को जी चाहता है,,,,
song from the film : Tumsa nahi dekha.
मगर बात करने को जी चाहता है,
बड़ी दिलनशी है ये उनकी अदाए,
अदाओं पे मरने को जी चाहता है,
जो कहना है उनसे कहे भी तो कैसे,
बिना कुछ कहे हम रहे भी तो कैसे,
जो दिल की दुआ है कभी काम आए,
घड़ी दो घड़ी का तो आराम आए,
सनम बाजुओ के हसीं दायरों में,
हसं के बिखर जाने को जी चाहता है,,,,
song from the film : Tumsa nahi dekha.
Friday, June 12, 2009
वो मुसाफिर......
वो मुसाफिर जो मेरे घर आया था,
वो कब मेरा था, वो तो पराया था,
सारी रात हमने बातों बातों में काट दी,
फ़िर उसने उठकर मुझे जगाया था,
में हकीकत समझता रहा उस ख्वाब को "अज़ल",
शायद वो भी उसी में समाया था........
वो कब मेरा था, वो तो पराया था,
सारी रात हमने बातों बातों में काट दी,
फ़िर उसने उठकर मुझे जगाया था,
में हकीकत समझता रहा उस ख्वाब को "अज़ल",
शायद वो भी उसी में समाया था........
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