1.शम्मा चाहतों की आँधियों में जलाये रखना,
दुश्मनी में भी दोस्ती बनाये रखना,
हमारी बातें तुम्हे याद आएगी बहुत,
इन खतों को सीने से जब लगाये रखना,
2.तन्हा था मैं इस सफर में,
उम्मीद किसी अपने की थी,
जब तुमसे मुलाकात हुयी,
वो हकीकत मेरे सपने की थी...
Thursday, June 18, 2009
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