Saturday, June 20, 2009

सितारों के आगे जहाँ और भी है,,,

सितारों के आगे जहाँ और भी है,
रुक क्यों गया इम्तेहान और भी है,

मुश्किले ही मुश्किले आएगी बहुत,
सर पर परेशानियाँ छायेगी बहुत,
आयेगे तूफ़ान तेरी राहों में बहुत,
लहरों का सीना चीर कर निकलना,
इन कश्तियों के किनारे और भी है,

होसलों में जान रखना ,
दिल में कई अरमान रखना,
घबराकर राहों में रुकना मत,
मंजिल तक क़दमों के निशा और भी है,,,,,अज़ल

1 comment:

उम्मीद said...

घबराकर राहों में रुकना मत,
मंजिल तक क़दमों के निशा और भी है

bhut hi achchhi line
man tak mahsus kar saki